स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के खातों को ‘फ्रॉड’ घोषित करने के कुछ ही दिन बाद, अब बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी कंपनी, उसके प्रमोटर अनिल अंबानी और रिलायंस टेलीकॉम के लोन खातों को धोखाधड़ी की श्रेणी में डाल दिया है। कंपनी ने रविवार को शेयर बाजार को इस संबंध में जानकारी दी।
बैंक ने फंड डायवर्जन और लोन शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। आरकॉम को बैंक से 8 अगस्त को जारी पत्र 22 अगस्त को प्राप्त हुआ।
BOI के नोटिस में कहा गया है कि आरकॉम, अनिल धीरजलाल अंबानी और मंजरी अशिक कक्कर के खाते को ₹724.78 करोड़ के बकाये पर ‘फ्रॉड’ घोषित किया गया है। बैंक के अनुसार, यह खाता जून 2017 में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) हो गया था और बार-बार रिमाइंडर के बावजूद बकाया चुकाया नहीं गया।
इसी तरह BOI ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और उसके निदेशकों ग्रेस थॉमस व सतीश सेठ के खाते को भी ₹51.77 करोड़ की डिफॉल्ट राशि पर ‘फ्रॉड’ घोषित किया है। अन्य नामजद व्यक्तियों में गौतम भाईलाल दोशी, दगदुलाल कस्त्रुचंद जैन और प्रकाश शेनॉय शामिल हैं।
गौरतलब है कि आरकॉम और उसकी सहायक कंपनियों ने विभिन्न बैंकों से कुल ₹31,580 करोड़ का कर्ज लिया था।
इस बीच, सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को अधिकारियों ने मुंबई में अनिल अंबानी के आवास और आरकॉम के दफ्तर में छापेमारी की। यह कार्रवाई एसबीआई की शिकायत पर दर्ज ₹2,929.05 करोड़ के नए बैंक फ्रॉड केस से जुड़ी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरकॉम, अनिल अंबानी और अन्य ने बैंक को गुमराह कर लोन हासिल किए और बाद में पैसों को अलग-अलग चैनलों से डायवर्ट किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इसमें इंटर-कंपनी लोन ट्रांजैक्शन, इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट, इनवॉइस फाइनेंसिंग का दुरुपयोग, रिलायंस इंफ्राटेल के माध्यम से फंड्स की हेराफेरी और नेटिजन इंजीनियरिंग प्रा. लि. (रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनी) को दिए गए कैपिटल एडवांस का लिख-ऑफ शामिल है।