कला के हर रंग में चमकीं इंदौर की राशिका नीमा, 89 से अधिक सम्मानों से बढ़ाया गौरव
जी टीवी के ‘रॉक-एन-रोल फैमिली’ में तीसरा स्थान, गायन से अभिनय तक बनाई पहचान।

‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस गरबा क्वीन’ का सम्मान, दो दशक से कला जगत में सक्रिय।
89 से अधिक सम्मान और 78 बार मीडिया में उल्लेख, युवा कलाकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प।
जी टीवी की गायिका राशिका नीमा से “द क्लिफ़ न्यूज़” संवाददाता आशीष नेमा की खास बातचीत
इंदौर की बहुमुखी कलाकार राशिका नीमा ने नृत्य, गायन, अभिनय, मॉडलिंग और संगीत रचना जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। दो दशकों से अधिक की कला यात्रा, जी टीवी के लोकप्रिय शो Rock-N-Roll Family में तीसरा स्थान, गरबा में उल्लेखनीय उपलब्धि और 89 से अधिक सम्मान उनकी सक्रियता और समर्पण को दर्शाते हैं। विभिन्न टेलीविजन कार्यक्रमों से जुड़ने के साथ-साथ वह पिछले 20 वर्षों से कला प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका भी निभा रही हैं। कला, संस्कृति, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर उनसे द क्लिफ़ न्यूज़ ने विशेष बातचीत की।
द क्लिफ़ न्यूज़: राशिका जी, सबसे पहले आपका स्वागत है। अपनी कला यात्रा के बारे में बताइए।
राशिका नीमा: बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरी कला यात्रा बचपन से ही शुरू हो गई थी। मुझे नृत्य, गायन और अभिनय में हमेशा से रुचि रही है। धीरे-धीरे इसी रुचि ने मेरे जुनून का रूप ले लिया। पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से मैं कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हूं। इस दौरान मुझे कई मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने और लोगों का प्यार पाने का अवसर मिला।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपने नृत्य, गायन, अभिनय और मॉडलिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। इस बहुमुखी प्रतिभा का राज क्या है?
राशिका नीमा: मेरा मानना है कि हर व्यक्ति के अंदर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत है तो उसे पहचानने और लगातार निखारने की। मुझे नई चीजें सीखना और अपनी कला को बेहतर बनाना पसंद है। यही वजह है कि मैंने नृत्य, गायन, अभिनय और मॉडलिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया। मेरे लिए कला केवल शौक नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
द क्लिफ़ न्यूज़: जी टीवी के लोकप्रिय शो Rock-N-Roll Family में भाग लेना आपके लिए कैसा अनुभव रहा?
राशिका नीमा: यह मेरे जीवन के यादगार अनुभवों में से एक है। इतने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाना और तीसरा स्थान हासिल करना मेरे लिए गर्व की बात थी। इस शो के माध्यम से मुझे बॉलीवुड कलाकार अजय देवगन और काजोल के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इस अनुभव ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपने सोनी टीवी के Super Moms और दूरदर्शन के प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों में भी काम किया। इन अनुभवों से क्या सीखा?
राशिका नीमा: हर मंच अपने साथ कुछ नया सिखाता है। रियलिटी शो में भाग लेने से अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना मजबूत होती है, जबकि अभिनय हमें अलग-अलग किरदारों को समझने का अवसर देता है। इन कार्यक्रमों ने मुझे एक कलाकार के रूप में आगे बढ़ने में काफी मदद की।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपको ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस गरबा क्वीन’ का सम्मान भी मिला। गरबा से आपका कितना जुड़ाव है?
राशिका नीमा: गरबा हमारी संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत हिस्सा है। नवरात्रि के दौरान गरबा करना मेरे लिए केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना और अपनी संस्कृति से जुड़ने का माध्यम भी है। वर्ष 2006 में सायजी ग्रुप के नौ दिवसीय आयोजन में ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस गरबा क्वीन’ का सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद खास उपलब्धि रही।
द क्लिफ़ न्यूज़: गायन और संगीत रचना के क्षेत्र में भी आपको सम्मान मिला है। इस क्षेत्र में आपकी रुचि कैसे विकसित हुई?
राशिका नीमा: संगीत भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम है। मुझे गाना गाने के साथ-साथ संगीत रचना में भी रुचि है। लायंस डिस्ट्रिक्ट 323 G द्वारा गायन एवं संगीत रचना के लिए सम्मानित होना और नारी शक्ति पर आधारित एंथम को आवाज देने के साथ उसकी संगीत रचना के लिए भोपाल में सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए गर्व का विषय है।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपने विज्ञापनों से लेकर बड़े टेलीविजन कार्यक्रमों तक काम किया है। इन अनुभवों के बारे में कुछ बताइए।
राशिका नीमा: मुझे आशीर्वाद आटा, बोंटन फर्नीचर, नयन ऑप्टिक्स और सखी सहेली मसाले जैसे ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम करने का अवसर मिला। इसके अलावा इंडियन आइडल, वॉइस ऑफ इंडिया और द कपिल शर्मा शो जैसे लोकप्रिय कार्यक्रमों से जुड़ना भी एक अच्छा अनुभव रहा। इन सभी अवसरों ने मुझे अलग-अलग दर्शकों तक पहुंचने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका दिया।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपको 89 से अधिक सम्मान मिल चुके हैं। इतने सारे सम्मानों को आप किस रूप में देखती हैं?
राशिका नीमा: मेरे लिए हर सम्मान एक नई जिम्मेदारी लेकर आता है। यह मुझे याद दिलाता है कि मुझे अपनी कला के प्रति ईमानदार रहना है और लगातार बेहतर काम करना है। सम्मान मिलने से खुशी तो होती ही है, लेकिन दर्शकों का प्यार और उनका विश्वास मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
द क्लिफ़ न्यूज़: वर्ष 2026 में मिले सम्मानों में कौन-से सम्मान आपके लिए विशेष रहे?
राशिका नीमा: वर्ष 2026 में मध्य प्रदेश प्राउड वुमन में ‘बहुमुखी कलाकार’ सम्मान, तुलिका सम्मान में ‘बहुमुखी कलाकार’ सम्मान और शिरोमणि सम्मान सहित कई संस्थाओं से सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए गर्व की बात रही। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और कला संस्थाओं से मिलने वाला सम्मान मुझे आगे भी पूरी लगन से काम करने की प्रेरणा देता है।
द क्लिफ़ न्यूज़: आप पिछले 20 वर्षों से विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभा रही हैं। इस जिम्मेदारी को कैसे निभाती हैं?
राशिका नीमा: निर्णायक की भूमिका बहुत जिम्मेदारी वाली होती है। हर प्रतिभागी अपनी मेहनत और उम्मीदों के साथ मंच पर आता है। इसलिए मेरा प्रयास रहता है कि प्रतिभागियों की प्रस्तुति, मेहनत, आत्मविश्वास और प्रतिभा को निष्पक्ष तरीके से परखा जाए। नए कलाकारों को आगे बढ़ते देखना मुझे बहुत खुशी देता है।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपने श्रीकृष्ण की भूमिका भी निभाई है। इस अनुभव के बारे में बताइए।
राशिका नीमा: श्रीकृष्ण की भूमिका निभाना मेरे लिए बहुत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव रहा है। इस किरदार के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता को समझने का अवसर मिलता है। मैं मानती हूं कि ऐसे किरदार कलाकार को अपनी कला के साथ-साथ आंतरिक रूप से भी समृद्ध करते हैं।
द क्लिफ़ न्यूज़: आपकी उपलब्धियों को मीडिया में भी 78 से अधिक बार स्थान मिला है। इस लोकप्रियता को कैसे देखती हैं?
राशिका नीमा: मीडिया कलाकारों की यात्रा और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेरे काम को समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों में स्थान मिला, इसके लिए मैं सभी पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों की आभारी हूं। इससे मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
द क्लिफ़ न्यूज़: आज के युवा कलाकारों को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?
राशिका नीमा: मैं युवाओं से यही कहना चाहूंगी कि अपनी प्रतिभा को पहचानें, अपने सपनों पर विश्वास रखें और मेहनत करने से कभी पीछे न हटें। शुरुआत में कठिनाइयां आ सकती हैं, लेकिन निरंतर अभ्यास, अनुशासन और धैर्य से रास्ते खुलते हैं। दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करें।
द क्लिफ़ न्यूज़: भविष्य में आपकी क्या योजनाएं हैं?
राशिका नीमा: मैं आगे भी नृत्य, गायन, अभिनय और संगीत रचना के क्षेत्र में सक्रिय रहना चाहती हूं। इसके साथ ही नए कलाकारों को प्रोत्साहित करना और सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान देना चाहती हूं। मेरी कोशिश रहेगी कि अपनी कला के माध्यम से लोगों के जीवन में खुशी और सकारात्मकता ला सकूं।
द क्लिफ़ न्यूज़: अंत में, आपकी नजर में सफलता की असली परिभाषा क्या है?
राशिका नीमा: मेरे लिए सफलता केवल पुरस्कारों और उपलब्धियों का नाम नहीं है। सफलता तब है, जब आप अपने काम से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, अपनी पहचान बना सकें और दूसरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें। मेरा विश्वास है कि प्रतिभा को मेहनत का साथ मिले और मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
राशिका नीमा की कला यात्रा इस बात का उदाहरण है कि लगन, मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा से व्यक्ति अनेक क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है। नृत्य, गायन, अभिनय, मॉडलिंग और संगीत रचना के साथ-साथ निर्णायक की भूमिका निभाकर उन्होंने इंदौर के कला एवं सांस्कृतिक जगत में अपनी अलग जगह बनाई है। उनकी यात्रा उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं।
