फर्जी दस्तावेज़ों से कॉलेज की मान्यता दिलाने के मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर FIR

कोहेफिज़ा थाना पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर अपने कॉलेज की मान्यता हासिल की। यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है।

डीसीपी ज़ोन-3 रियाज़ इक़बाल ने बताया कि अदालत के निर्देश पर मसूद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

मामला खानूगांव स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज से जुड़ा है, जिसे अमन एजुकेशन सोसाइटी संचालित करती है और जिसके सचिव आरिफ मसूद हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने पहले ही इस कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हितों को देखते हुए अदालत ने चल रही कक्षाओं को जारी रखने की अनुमति दी थी लेकिन नए प्रवेश पर रोक लगा दी थी।

सोमवार को हुई सुनवाई में जस्टिस अतुल श्रीधरन ने पुलिस को तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। अदालत ने पाया कि कॉलेज की मान्यता फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर दिलाई गई थी, जिसके बाद तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पुराने मामले भी आए सामने, अधिकारी जांच के घेरे में

जांच में खुलासा हुआ है कि इस तरह की गड़बड़ियों की शिकायत पहले भी उठाई जा चुकी है। वर्ष 2004 में तत्कालीन कलेक्टर के आदेश पर उच्च शिक्षा विभाग की जांच में सामने आया था कि सोसाइटी द्वारा जमा की गई सॉल्वेंसी से जुड़ी कागजात फर्जी थे।

इसके बाद 2010 की एक और जांच में पता चला कि सोसाइटी ने जिस ज़मीन की रजिस्ट्री लगाई थी, वह दरअसल नवाब परिवार से 30 साल की लीज पर ली गई थी। इसके बावजूद दोनों मामलों में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।

अब पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जिन्होंने पहले की जांचों में गड़बड़ियां उजागर होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की थी।

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