भोपाल के एमपी नगर में हुए 4 करोड़ रुपये के बैंक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने निजी बैंक मैनेजर सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश के लिए पांच सदस्यीय पुलिस टीम गठित की गई है।
पुलिस के अनुसार, जिन आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें निजी बैंक मैनेजर सुमित मेवाड़ी, बैंक कर्मचारी आदित्य सिंह और सचिन सिंह, साथ ही वर्ष 2021 में शाखा में पदस्थ रहे एक अन्य बैंक मैनेजर शामिल हैं।
एसीपी मनीष भारद्वाज ने बताया कि आरोपी आदित्य सिंह ने पीड़ित के आधार और पैन कार्ड की मदद से फर्जी खाता खोला था, जबकि सचिन सिंह ने बाद में खाता बंद कराने की प्रक्रिया पूरी की। बैंक मैनेजर सुमित मेवाड़ी और पूर्व शाखा प्रबंधक की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
शिकायतकर्ता कैलाश नारायण शर्मा ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने एक बीमा एजेंट को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए अपने पहचान दस्तावेज सौंपे थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम से फर्जी खाता खोला गया और 2021 से 2024 के बीच इस खाते से 4 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन किए गए।
यह धोखाधड़ी अक्टूबर 2024 में तब उजागर हुई, जब शर्मा को आयकर विभाग से संदिग्ध लेनदेन संबंधी नोटिस प्राप्त हुआ। शर्मा ने कई बार शिकायत करने के बावजूद बैंक से जानकारी प्राप्त करने में लगभग छह महीने की देरी हुई।
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि बैंक के कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म पर न तो उनके हस्ताक्षर हैं और न ही उनका पंजीकृत मोबाइल नंबर, जिससे बैंक की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।