मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में बिजली चोरी का अनोखा मामला सामने आया है। यहां उर्दमऊ गांव (बरेली उपखंड) में ग्रामीणों ने अपनी मनमर्जी से बिजली वितरण ट्रांसफॉर्मर ही स्थापित कर डाले और सीधे सिंचाई फीडरों से कनेक्शन लेकर बिजली चोरी शुरू कर दी। यह चौंकाने वाला खुलासा सेंट्रल डिस्कॉम की विजिलेंस टीम की छापेमारी में हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीणों ने अवैध रूप से 25 केवीए के ट्रांसफॉर्मर लगाए और 11 केवी लाइनें बढ़ाकर खेतों में बिजली खींची। इन ट्रांसफॉर्मरों के जरिए बड़े पैमाने पर सिंचाई पंप चलाए जा रहे थे। जांच में सामने आया कि गांव में कुल चार ट्रांसफॉर्मर अवैध रूप से लगाए गए थे और हर ट्रांसफॉर्मर से 2–3 लोगों को बिजली दी जा रही थी।
बाड़ी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के जूनियर इंजीनियर अनुराग सिन्हा ने बताया कि सभी लाभार्थियों पर बिजली अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही जिन किसानों ने अपने खेतों में ट्रांसफॉर्मर लगाए थे, उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन भेजा गया है।
डिस्कॉम की विजिलेंस टीम ने मौके से 25 केवीए ट्रांसफॉर्मर, कंडक्टर और अन्य उपकरण जब्त कर अवैध लाइनों को डिस्कनेक्ट कर दिया। बाड़ी थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डिस्कॉम अधिकारियों ने इसे हाल के समय में बिजली चोरी के सबसे दुस्साहसी मामलों में से एक बताया। कंपनी का कहना है कि बिना अनुमति बिजली लाइन बढ़ाना और ट्रांसफॉर्मर लगाना न केवल आपूर्ति बाधित करता है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाता है और विभाग को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।