मुंबई में सीबीआई ने शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) के निदेशक अनिल अंबानी के आवास और कंपनी कार्यालय पर छापेमारी की। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से ₹2929.05 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
सीबीआई ने गुरुवार को रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (मुंबई), निदेशक अनिल डी. अंबानी, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद शनिवार को सीबीआई टीमों ने cuffe Parade स्थित अनिल अंबानी के आवास ‘सी विंड’ और आरकॉम के आधिकारिक दफ्तर पर तलाशी ली।
एसबीआई की शिकायत और कर्ज का ब्योरा
एसबीआई की शिकायत के अनुसार, 2018 तक कंपनी पर विभिन्न बैंकों का 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया था, जिसमें से केवल एसबीआई का नुकसान ₹2929.05 करोड़ का था। आरोप है कि षड्यंत्र के तहत गलत जानकारी देकर आरकॉम ने एसबीआई से कर्ज सुविधाएं मंजूर करवाईं और बाद में इनका दुरुपयोग किया।
फॉरेंसिक ऑडिट (2020) में खुलासा हुआ कि कंपनी और उसकी सहयोगी संस्थाओं—रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड (आरआईटीएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल)—ने बैंकों से कुल ₹31,580 करोड़ प्राप्त किए थे। इसमें से 44% यानी ₹13,667.73 करोड़ अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ऋण चुकाने में और 41% यानी ₹12,692.31 करोड़ संबंधित कंपनियों को चुकाने में खर्च किए गए।
नेटिज़न इंजीनियरिंग का मामला
ऑडिट में पाया गया कि ₹5525 करोड़ की पूंजी अग्रिम राशि नेटिज़न इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (रिलायंस एडीए समूह की कंपनी) को दी गई थी, जिसे बाद में काल्पनिक तरीके से लिख दिया गया। 2017–18 में नेटिज़न ने मिलेनियम प्राइवेट नेटवर्क लिमिटेड से दो परिसंपत्तियां खरीदीं, जिनका मूल्यांकन संदिग्ध पाया गया। इसके बाद आरकॉम ने नेटिज़न को दी गई अग्रिम राशि को खातों में हेराफेरी कर समायोजित कर दिया।
सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, लेन-देन सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों की तरह नहीं लगते, बल्कि फर्जी खातों और प्रविष्टियों के जरिए धन के गबन और विश्वासघात की मंशा से किए गए प्रतीत होते हैं।
कानूनी प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति
एसबीआई ने 10 नवंबर 2020 को अनिल अंबानी और आरकॉम के खाते को ‘फ्रॉड’ घोषित कर सीबीआई से शिकायत की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के चलते यह शिकायत लौटाई गई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के 27 मार्च 2023 के फैसले के अनुसार बैंकों को उधारकर्ताओं को अपनी बात रखने का अवसर देना जरूरी हो गया। इसी प्रक्रिया के तहत सितंबर 2023 में ‘फ्रॉड’ टैग हटाया गया, लेकिन जुलाई 2024 की आरबीआई सर्कुलर का पालन कर खाते को दोबारा ‘फ्रॉड’ घोषित किया गया।
सीबीआई ने 22 अगस्त 2025 को स्पेशल कोर्ट से तलाशी वारंट प्राप्त किए और 23 अगस्त को मुंबई में छापेमारी की। अधिकारियों ने कहा कि अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज है और आगे जांच जारी है।